22
बुरातिनो जीवन में पहली बार हताश होता है, मगर सब कुछ अच्छी तरह समाप्त हो जाता है.
अनुवाद: चारुमति रामदास
बेवकूफ़ मुर्गा पस्त हो गया, अपनी चोंच खोले, वह मुश्किल से भाग रहा था. बुरातिनो ने आखिरकार उसकी मरोड़ी हुई पूंछ छोड़ दी.
“जा, जनरल, अपनी मुर्गियों के पास भाग...”
और अकेला ही चल पड़ा उस ओर जहां पत्तों के बीच से हंसों का तालाब चमक रहा था.
ये रहा चट्टानी पहाड़ी पर देवदार का पेड़, और ये रही गुफा. चारों ओर टूटी हुई टहनियां बिखरी हैं. घास पहियों के निशानों से कुचली हुई है.
बुरातिनो का दिल तेज़ी से धड़कने लगा. वह पहाड़ी से कूद गया, मुड़ी हुई जड़ों के नीचे देखा...
गुफ़ा खाली थी!!!
न तो मल्वीना थी, न प्येरो, ना ही अर्तेमोन.
सिर्फ दो चीथड़े पड़े थे. उसने उन्हें उठाया,- ये प्येरो की कमीज़ की फटी हुई आस्तीनें थीं.
दोस्तों का किसी ने अपहरण कर लिया है! वे मर चुके हैं! बुरातिनो मुंह के बल गिर गया – उसकी नाक ज़मीन में गहरे धंस गई.
वह केवल अभी समझ पाया था, कि दोस्त उसे कितने प्यारे हैं. मल्वीना चाहे पढ़ाने का काम करती रहे, प्येरो हज़ारों बार निरंतर कविताएँ सुनाता रहे, - बुरातिनो अपने दोस्तों को फिर से देखने के लिए सुनहरी चाबी भी दे देता.
उसके सिर के पास खामोशी से मिट्टी का एक मुलायम टुकड़ा उठा, गुलाबी हथेलियों वाला रोंएदार चूहा रेंगकर बाहर निकला, तीन बार छींककर उसने कहा:
“मैं अंधा हूँ, मगर मैं बढ़िया सुन सकता हूँ. यहाँ एक गाड़ी आई थी, जिसे भेडें खींच रही थीं. उसमें बैठा था लीस, ‘मूर्खों के शहर’ का गवर्नर, और जासूस. गवर्नर ने हुक्म दिया:
“उन बदमाशों को गिरफ्तार किया जाए, जिन्होंने ड्यूटी करते हुए मेरे सर्वश्रेष्ठ पुलिसवालों को पीटा! गिरफ्तार करो! जासूसों ने जवाब दिया:
“त्याफ!”
गुफ़ा के भीतर लपके, और वहां बेतहाशा हाथापाई शुरू हो गयी. तुम्हारे दोस्तों को बाँध दिया, गठरियों समेत गाड़ी में डाल दिया, और चले गए.
नाक ज़मीन में घुसाए पड़े रहने में क्या फ़ायदा था! बुरातिनो उछला और पहियों के निशानों के पीछे पीछे भागने लगा. तालाब का चक्कर लगाया, घनी घास वाले खेत में पहुंचा. चल रहा था, चल रहा था...उसके दिमाग में कोई प्लान नहीं था. साथियों को बचाना है – बस इतना ही. चट्टान तक पहुंचा, जहां से पिछली से पिछली रात को कांटेदार पौधों पर गिर पड़ा था. नीचे एक गंदा तालाब देखा, जिसमें कछुआ रहता था. तालाब के रास्ते पर एक गाड़ी उतर रही थी, जिसे नोचे हुए रोओं वाली, कंकाल जैसी दो कमज़ोर भेड़ें खींच रही थीं.
बॉक्स पर फूले फूले गालों वाला, सोने का चष्मा पहने एक मोटा बिल्ला बैठा था, - उसने गवर्नर के यहां कान में गुप्त रूप से कानाफूसी एजेंट के रूप में काम किया था. उसके पीछे – महत्वपूर्ण लोमड़ी, गवर्नर...बंडलों पर लेटे थे मल्वीना, प्येरो और पूरे बदन पूर पट्टियां बंधा अर्तेमोन, - हमेशा अच्छी तरह कंघी की गयी उसकी पूँछ ब्रश के समान धूल पर घिसट रही थी.
गाड़ी के पीछे चल रहे थे दो जासूस – डॉबरमैन - पिंसर.
अचानक जासूसी कुत्तों ने अपने थोबड़े उठाए और चट्टान के ऊपर बुरातिनो की सफ़ेद टोपी देखी.
तेज़ छलांगों से पिंसर खड़ी चट्टान पर चढ़ने लगे. मगर इससे पहले कि वे ऊपर तक पहुंचते, बुरातिनो ने, - उसे न तो छुपने के लिए कोई जगह थी, ना ही वहां से भागने की – सिर के ऊपर हाथ रखे और – अबाबील की तरह – सबसे ऊंची जगह से नीचे कूद गया, गंदे तालाब में, जो हरी काई से ढंका था.
उसने हवा में वक्र बनाया, और, अगर तेज़ हवा के झोंके न होते तो निश्चित ही, तालाब में आंटी तर्तीला के संरक्षण में पहुंचता.
हवा ने हल्के, लकड़ी के बुरातिनो को पकड़ लिया, उसे घुमाया, दोहरे कॉर्क स्क्रू की तरह घुमाया, एक किनारे फेंक दिया, और वह, गिरते हुए, सीधे गाड़ी में गवर्नर लोमड़ी के सिर पर गिरा.
सुनहरा चश्मा पहने मोटा बिल्ला अचानक बक्से से गिर पड़ा, और चूंकि वह बदमाश और डरपोक था, तो उसने नाटक किया कि बेहोश हो गया है.
लोमड़ी गवर्नर, जो खुद भी हताश डरपोक था, चिल्लाते हुए ढलान पर भागा और फ़ौरन बिज्जू के बिल में घुस गया. वहां उसके साथ अच्छा नहीं हुआ : ऐसे मेहमानों से बिज्जू कठोरता से पेश आते है.
भेड़ें भाग गईं, गाड़ी पलट गयी, मल्वीना, प्येरो और अर्तेमोन थैलियों समेत लुढ़कते हुए रंगबिरंगे फूलों पर लुढ़क गए.
ये सब इतनी तेज़ी से हुआ, कि आप, प्यारे पाठकों, अपने हाथों की सारी उंगलियाँ भी न गिन पाते.
डॉबरमैन – पिंसर बड़ी बड़ी छलांगें लगाते हुए, चट्टान से नीचे कूद गए. पलटी हुई गाड़ी के पास पहुँचने पर उन्होंने मोटे बिल्ले को बेहोश देखा. पौधों पर गिरे हुए लकड़ी के छोटे छोटे आदमियों को और पट्टियां बंधे हुए झबरे कुत्ते को देखा.
मगर लोमड़ी गवर्नर का कहीं अता पता नहीं था.
वह गायब हो गया – जैसे ज़मीन में गड़प हो गया वो, जिसकी जासूसों को हिफाज़त करनी थी, आंख की पुतली की तरह.
पहले जासूस ने अपना थोबड़ा उठाकर, निराशाभरी चीख निकाली.
दूसरे जासूस ने भी वैसा ही किया:
“आय-आय-आय, आय-ऊ-ऊ-ऊ!...”
वे लपके और पूरी ढलान छान मारी. फिर से निराशा से विलाप करने लगे, क्योंकि उन्हें दिखाई दे रहे थे चाबुक और लोहे की जाली.
अपमान से अपना पिछला भाग हिलाते हुए, वे ‘मूर्खों के शहर’ पहुंचे, ताकि पुलिस विभाग में झूठ बोल दें, कि गवर्नर को ज़िंदा ही आसमान में उठा लिया गया था, - तो रास्ते में सोच रहे थे कि अपनी सफ़ाई में क्या कहेंगे. बुरातिनो ने हौले से अपने जिस्म को टटोला – हाथ, पैर, सलामत थे. वह पौधों के बीच रेंग गया और मल्वीना तथा प्येरो को रस्सियों से आज़ाद कर दिया.
मल्वीना ने एक भी लब्ज़ कहे बिना, बुरातिनो के कंधे पर हाथ रखा, मगर उसे चूम नहीं पाई – उसकी लम्बी नाक बाधा डाल रही थी.
प्येरो की बाँहें कुहनियों तक फटी हुई थीं, गालों से सफ़ेद पाउडर गिर रहा था, और पता चला कि उसके गाल सामान्य ही हैं – गुलाबी, कविताओं के प्रति उसके प्यार के बावजूद.
“मैं बहादुरी से लड़ा,” कर्कश आवाज़ में उसने कहा. “अगर टांग अडाकार मुझे न रोका गया होता – तो वे मुझे पकड़ नहीं पाते.”
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