रविवार, 8 फ़रवरी 2026

बुरातिनो - 18


18


जंगल के किनारे पर भयानक युद्ध

अनुवाद: चारुमति रामदास 

 

सिन्योर कराबास ने पुलिस के दो कुत्तों को पट्टे से पकड़ रखा था. समतल मैदान पर भगोड़ों को देखकर उसने अपना दांतेदार मुंह खोला.

“आहा!” वह चीखा और उसने कुत्तों को छोड़ दिया.

क्रूर कुत्ते पहले तो पिछले पंजों से मिट्टी कुरेदने लगे. वे गुर्राए भी नहीं, बल्कि वे दूसरी ही तरफ़ देख रहे थे, न कि भगोड़ों की ओर – इतना घमंड था उन्हें अपनी ताकत पर.

फिर कुत्ते धीरे धीरे उस जगह की ओर चले, जहां बुरातिनो, अर्तेमोन, प्येरो और मल्वीना खौफ़ से रुक गए थे.

ऐसा लगा कि सब ख़त्म हो गया है. कराबास बराबास टेढ़े पैरों से पुलिस के कुत्तों के पीछे चल रहा था. उसकी दाढी हर पल जैकेट की जेब से बाहर निकल जाती और पैरों के नीचे आ जाती और उनमें उलझ जाती थी.

अर्तेमोन ने अपनी पूंछ दबा ली और गुस्से से गुर्राने लगा. मल्वीना के हाथ थरथरा रहे थे:

“डर लग रहा है, डर लग रहा है!”

प्येरो ने आस्तीनें नीचे खींची और मल्वीना की तरफ़ देखा, उसे यकीन हो गया था कि सब कुछ ख़त्म हो गया है.

सबसे पहले बुरातिनो संभला.

“प्येरो,” वह चीखा, “लड़की का हाथ पकडो, तालाब के पास भागो, जहां हंस हैं!...अर्तेमोन, थैले उतार दो, घड़ी निकाल दो, - तुम लड़ोगे!...”

मल्वीना ने जैसे ही इस साहसी आदेश को सुना, वह अर्तेमोन की पीठ से कूद गयी और, अपनी ड्रेस उठाकर तालाब की ओर भागने लगी. प्येरो – उसके पीछे पीछे.

अर्तेमोन ने सामान की थैलियाँ फेंक दीं, पंजे से घड़ी उतार दी और पूंछ की नोक से फीता फेंक दिया. अपने सफ़ेद दांत दिखाए और दाएँ कूदा, बाएँ कूदा, अपनी मांसपेशियों को ठीक किया, और पिछले पैरों से मिट्टी फेंकने लगा.

बुरातिनो इटालियन देवदार के रालदार तने पर चढ़ गया, जो मैदान में अकेला खड़ा था, और वहां से चीखा, कराहा, और गला फाड़ कर चिल्लाया:

“जानवरों, पंछियों, कीड़ों! हमारे लोगों को मार रहे हैं! हम लकड़ी के बेगुनाह लोगों को बचाईये!...”

अर्तेमोन को देखते ही पुलिस के बुलडॉग उस पर लपके. चतुर कुत्ता मुडा और उसने एक कुत्ते की पूंछ का ठूंठ काट लिया और दूसरे को जांघ पर काट लिया.

बुलडॉग फूहड़पन से मुड़े और फिर से कुत्ते पर झपटे. वह ऊंचे उछला, उन्हें अपने नीचे से जाने दिया, और फिर से एक की कमर और दूसरे की पीठ को नोंच लिया.

बुलडॉग तीसरी बार उस पर लपके, तब अर्तेमोन पूंछ को नीचे लटकाकर मैदान में गोल गोल चक्कर लगाने लगा, कभी पुलिस कुत्तों को अपने पास आने देता तो कभी ठीक उनकी नाक के सामने एक किनारे कूद जाता...     

चपटी नाक वाले बुलडॉग्स को अब सचमुच में गुस्सा आ गया, वे सूंघ रहे थे, वे अर्तेमोन के पीछे बिना जल्दबाज़ी किये भाग रहे थे, ज़िद से, वे फुर्तीले कुत्ते के गले तक पहुँचने के बजाय मर जाना ज़्यादा अच्छा समझ रहे थे. 

इस बीच कराबास बराबास इटालियन देवदार के पास पहुंचा, उसने तने को पकड़ा और उसे झकझोरने लगा:                                                   

“नीचे उतर, नीचे उतर!”

बुरातिनो ने हाथों से, पैरों से, दांतों से टहनी को ऐसे कसकर पकड़ लिया, की टहनियों पर लटकते सभी शंकु हिलने लगे.

इटालियन देवदार के शंकु – नुकीले और भारी होते हैं, छोटे तरबूज जितने. ऐसे शंकु की चोट सिर पर झेलना – तो ओय-ओय!

बुरातिनो मुश्किल से हिलती हुई टहनी को पकड़े हुए था. उसने देखा कि अर्तेमोन ने अपनी लाल चीथड़े जैसी जीभ बाहर निकाली और धीरे धीरे भाग रहा है.   

“चाबी दे!” कराबास बराबास अपना जबड़ा खोलकर गरजा.    

बुरातिनो टहनी पर रेंगने लगा, एक मोटे शंकु तक पहुंचा और उसका डंठल चबाने लगा, जिस पर वह लटका हुआ था. कराबास बराबास ने उसे और ज़ोर से हिलाया, और भारी शंकु नीचे उड़ा – बाख! – सीधे उसके दांतेदार जबड़े में.

कराबास बराबास धम् से नीचे बैठ गया.

बुरातिनो ने दूसरा शंकु तोड़ा और वह – बाख! – धडाम् से कराबास बराबास के सिर पर गिरा, मानो ड्रम पर गिरा हो.

“हमारे लोगों को मार रहे हैं,” बुरातिनो फिर चिल्लाया. “बेगुनाह लकड़ी के इंसानों की मदद करो!”

सबसे पहले मदद करने के लिए आए उड़ते हुए स्विफ्ट पक्षी, - निचले स्तर पर उड़ते हुए उन्होंने बुलडॉग्स की नाक के सामने हवा को काटना शुरू कर दिया.

बुलडॉग्स बेकार ही दांत हिलाते रहे – स्विफ्ट पक्षी कोई मक्खी नहीं है: बिजली की भूरी कड़क के समान -  नाक की बगल से गुज़र गए!

बादल से, जो बिल्ली के सिर जैसा था, काली चील गिरी – वो, जो आम तौर से मल्वीना के लिए शिकार लाती थी; उसने पुलिस के कुत्ते की पीठ में पंजे चुभो दिए, अपने शानदार पंखों पर चढ़ गई, कुत्ते को उठाया और उसे छोड़ दिया...

कुत्ता, चीखते हुए, पंजे ऊपर किये धडाम् से ढेर हो गया.

अर्तेमोन एक किनारे से दूसरे कुत्ते पर उछला, उसे अपने सीने से मारा, गिरा दिया, काटा, उछल कर दूर हट गया...

और फिर से मैदान में इकलौते देवदार के पेड़ के चारों ओर अर्तेमोन और उसके पीछे पस्त, नोंचे गए पुलिस के कुत्ते भागने लगे.

अर्तेमोन की मदद के लिए दो मेंढक आये. वे दो सांपों को खींच रहे थे, जो बुढापे के कारण अंधे हो गए थे. सांपों को तो वैसे भी मरना ही था – चाहे सड़े हुए तने के नीचे, या बगुले के पेट में. मेंढकों ने उन्हें एक शानदार मौत मरने के लिए मनाया.

शानदार अर्तेमोन ने अब खुल्लम खुल्ला लड़ाई में शामिल होने का फैसला कर लिया.

वह अपनी पूंछ पर बैठ गया, दांत दिखाने लगा.

बुलडॉग उस पर झपटे, और वे तीनों ही गेंद जैसे लुढ़कने लगे.  

अर्तेमोन अपने जबड़े किटकिटा रहा था, पंजों से लड़ रहा था. बुलडॉग घावों और खरोंचों पर ध्यान दिए बिना, एक बात की प्रतीक्षा कर रहे थे : अर्तेमोन के गले तक पहुंचने की – खतरनाक पकड़ के साथ. पूरा मैदान आहों और कराहों से भर गया था.

अर्तेमोन की सहायता के लिए साही का परिवार आया: खुद साही, साही की बीबी, साही की सास, साही की दो अविवाहित बुआएं और साही के नन्हे पिल्ले.

सुनहरे लबादों में मोटे काले-मखमली भौंरे उड़ रहे थे, गुस्सैल बरैया अपने पंखों से फ़ुफकार रही थीं. मिट्टी के कीड़े और लम्बी मूंछों वाले काटने वाले कीड़े रेंग रहे थे.

सारे जानवर, पंछी और कीटक निःस्वार्थ भाव से पुलिस के घृणित कुत्तों पर टूट पड़े.      

साही, साही की बीबी, साही की सास, साही की दो अविवाहित बुआएं और साही के नन्हे पिल्ले गोल-गोल होकर क्रोकेट बॉल की रफ्तार से अपनी सुईयों से बुलडॉगों के थोबड़ों पर मार रहे थे.

मक्खियाँ और भंवरे तेज़ी से उड़कर आते और उन्हें ज़हरीले डंक मारते. गंभीर चीटियां आराम से उनकी नाकों में घुस जातीं और वहां ज़हरीला फॉर्मिक  एसिड छोड़तीं.

 जमीनी भँवरे और खटमल नाभि पर काट रहे थे.

 चील कभी एक कुत्ते को चोंच मारती, तो कभी दूसरे की खोपड़ी पर टेढ़ी चोंच मारती.

तितलियां और मक्खियां घना काला बादल बनकर उनकी आंखों के सामने छा गईं, जिससे रोशनी धुंधली हो गई.

मेंढकों ने दो सांपों को तैयार रखा जो शहीद होने के लिए तैयार थे.             

और जब एक बुलडॉग ने अपना जबड़ा चौड़ा खोला, जिससे कि चींटियों का फॉर्मिक एसिड बाहर उगल दे, तो अंधा बूढ़ा सांप सिर के बल उछल कर उसके गले के सामने आया और स्क्रू की तरह अन्ननलिका में घुस गया. ऐसा ही दूसरे बुलडॉग के साथ भी हुआ : दूसरा अंधा सांप उसके जबड़े की ओर लपका. दोनों कुत्ते फटेहालखरोचों के साथहांफते हुए असहाय ज़मीन पर लुढ़कने लगे. भला अर्तेमोन युद्ध में विजयी हुआ.

इस बीच कराबास बराबास ने आखिरकार अपने विशाल मुंह से कंटीले शंकु को बाहर निकाल दिया.

सिर पर मार लगने की वजह से उसकी आंखें बाहर निकल आई थीं. लड़खड़ाते हुए, उसने फिर से इटालियन देवदार के तने को पकड़ लिया. हवा उसकी दाढ़ी को उड़ा रही थी.

बुरातिनो ने, बिल्कुल ऊपर बैठे बैठे गौर किया कि कराबास बराबास की दाढ़ी का सिरा, जो हवा के कारण ऊपर उठा हुआ था, राल वाले तने से चिपक गया है.

बुरातिनो एक टहनी पर लटक गया और, चिढ़ाते हुए चिल्लाया:

“चचा, नहीं पकड़ पाओगे, चचा, नहीं पकड़ पाओगे!...”

वह ज़मीन पर कूदा और चीड़ के चारों ओर भागने लगा. कराबास बराबासलड़खड़ाते हुएहाथ फैलाए, ताकि बच्चे को पकड़ सकेपेड़ के चारों ओर उसके पीछे दौड़ने लगा.

एक बार भागा, ऐसा लगा कि उसने अपनी टेढ़ी मेढ़ी उँगलियों से छिटक गए बच्चे को पकड़ लिया, दूसरी बार भागा, तीसरी बार भागने के बाद...उसकी दाढ़ी तने के चारों ओर लिपट गयी, राल से पक्की चिपक गई.

जब दाढ़ी समाप्त हो गई और कराबास बराबास नाक के बल पेड़ का आधार ले रहा था, तो बुरातिनो ने उसे लम्बी जीभ दिखाई और हंसों वाले तालाब की ओर भागा – मल्वीना और प्येरो को ढूँढने के लिए. बदहाल अर्तेमोन तीन पंजों परचौथे को मोड़े हुएलंगड़ाते हुए उनके पीछे चलने लगा.

मैदान में पुलिस के दो कुत्ते रह गए, जिनकी ज़िंदगी के लिए, ज़ाहिर है, एक मरी हुई सूखी मक्खी भी नहीं दी जा सकती थी, और परेशान गुडिया विज्ञान का डॉक्टर सिनीऑर कराबास बराबास, जिसकी दाढ़ी इटालियन देवदार से पक्की चिपक गई थी. 

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