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अनुवाद: चारुमति रामदास
नीले बालों वाली लड़की बुरातिनो को वापस जीवन में
लाती है
चीड़ की टहनियों के पीछे, जहां
बुरातिनो लटक रहा था, भोर हो रही थी. मैदान पर घास भूरी हो गई, नीले फूल ओस की बूंदों से ढंक गए
थे.
घुंघराले नीले बालों वाली
लड़की ने फिर से खिड़की से देखा, उसने अपनी ख़ूबसूरत उनींदी आंखें मलीं और पूरी तरह खोल
दीं.
ये लड़की सिन्योर कराबास
बराबास के गुड़ियों के थियेटर की सबसे सुन्दर गुडिया थी.
मालिक की असभ्य हरकतों को
बर्दाश्त न कर सकने के कारण, वह थियेटर से भाग गई और भूरी घास के मैदान में एकांत घर
में बस गई.
जानवर, पंछी और
कुछ कीट उसे बहुत प्यार करते थे, - हो सकता है, इसलिए, कि वह
बहुत अच्छा बर्ताव करती थी, और कोमल लड़की थी.
जानवर उसे जीवन के लिए
आवश्यक हर चीज़ लाकर देते.
घूस – खाने योग्य जड़ें
लातीं.
चूहे – शकर, पनीर और
सॉसेज के टुकड़े.
कुलीन पूडल कुत्ता आर्तेमोन –
ब्रेड-रोल लाता.
नीलकंठ पक्षी बाज़ार में उसके
लिए चांदी के वर्क में लिपटे चॉकलेट्स चुराता.
मेंढक अखरोट के छिलकों में
नींबू पानी लाते.
बाज़ – भुना हुआ मांस.
मई के भंवरे – अलग-अलग तरह
की बेरियाँ लाते.
तितलियाँ – फूलों के पराग –
पाउडर लगाने के लिए.
इल्लियाँ अपने शरीर से पेस्ट
निकाल कर देतीं – दांत साफ़ करने के लिए और चरमराते दरवाजों पर लगाने के लिए.
अबाबीलें घर के पास मच्छरों
और ततैया को ख़त्म कर देतीं...
तो, आंखें खोलने के बाद, नीले
बालों लड़की ने फ़ौरन उल्टा लटके हुए बुरातिनो को देखा.
उसने गालों पर हाथ रखे और
चिल्लाई:
“आह-आह-आह!”
खिड़की के नीचे, अपने कान
फडफडाते हुए, भला कुत्ता आर्तेमोन प्रकट हुआ. उसने अभी-अभी अपने धड़ के पिछले आधे हिस्से
के बाल काट दिए थे, जो वह हर रोज़ करता था. सामने वाले आधे हिस्से में घुंघराले बाल अच्छी तरह
कंघी किये गए थे, पूंछ के अंत में लटकन को काले फ़ीते से बांधा गया था. सामने
वाले पंजे पर – चांदी की घड़ी थी.
“मैं तैयार हूँ!”
आर्तेमोन ने नाक एक ओर को मोडी
और अपने सफ़ेद दांतों पर ऊपर का होंठ उठाया.
“किसी को बुलाओ,
आर्तेमोन!” बच्ची ने कहा. –“ बेचारे बुरातिनो को नीचे उतारना है, घर में ले जाना
है और डॉक्टर को बुलाना है...”
“मैं तैयार हूँ!”
आर्तेमोन
तत्परता से इस तरह घूमने लगा कि उसके पिछले पंजों से गीली रेत उड़ने लगी...वह
चींटियों की बांबी की ओर लपका, भौंकते हुए सभी को उठा दिया और चार सौ चींटियों को भेजा
– रस्सी कुतरने के लिए, जिस पर बुरातिनो लटक रहा था.
चार
सौ समर्पित चींटियां झुंड में संकरी पगडंडी पर रेंगने लगीं, चीड के
पेड़ पर चढ़ गईं और उन्होंने रस्सी को कुतर दिया.
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